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इमेज शायरी – कितने शम्मे जलाए दिल ने यादों के
ख्वाबों के तमाशों से उबर नहीं पाए हम इस मेले में खोकर यूं गुमनाम बन गए मजारों पे कितने ही शम्मे जलाए दिल ने यादों के शहर भी अब श्मशान बन गए…