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शायरी ईमेज – नहीं जानता बेवफाओं से क्या रिश्ता हमारा
शायरी मुहब्बत की आग में जो जलके खाक हो चुके उनमें भी कुछ धुएं को जगाते रहे हैं हम नहीं जानता बेवफाओं से क्या रिश्ता हमारा अब तक तो उनसे फासले बनाते रहे हैं हम…