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शायरी फोटो – गम इस कदर बरस पड़े सावन भी शर्मसार हो
गम इस कदर बरस पड़े, सावन भी शर्मसार हो इस हिज्र में दो आंखों से कुदरत की तकरार हो हर सिलसिला रूका रहे, हर जलजला थमा रहे ठहरी-अंधेरी रात में खामोशी की झनकार हो…