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शायरी – अब तुम ही खफा हो तो बताओ क्या करूं
शायरी अब तुम ही खफा हो तो बताओ क्या करूं तेरा जवाब न मिला तो सिर धुनता चला गया कुछ दिन में शायद सबकुछ ठीक हो जाए इसी उम्मीद में ये गजल मैं बुनता चला गया…