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शायरी – सुनते रहे बस उसकी, वो कहती रही बतियां
शायरी एक बार जो फेरी थीं उसने मेरी तरफ अंखियां पलभर में लगी आग, बुझाने में लगी सदियां मुहब्बत ने हमको चुप रहने की सजा दी है सुनते रहे बस उसकी, वो कहती रही बतियां…