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शायरी – मुहब्बत में जिंदगानी यूं पाले बदलती है
शायरी अपनी ही सांसें किसी और की लगती है मुहब्बत में जिंदगानी यूं पाले बदलती है आज न कल हसीन चांद कहीं तो टपकेगा इसी उम्मीद में ये जमीं दिन-रात चलती है…