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शायरी – और आज भी वो मेरे बुरे हालात से अंजान है
शायरी सर्दी की ठिठुरती रात में फुटपाथ पर अरमान है दिलबर मुझे छोड़के किसी और पे मेहरबान है हर कदम पे जिंदगी में दर्द के निशां छोड़ते रहे जिस रास्ते से मैं गया वो आज भी सुनसान है…