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शायरी – आंसू के कतरों से तेरे लिए दुआ निकली
शायरी मेरी आंखों से गुनाह की सजा निकली आंसू के कतरों से तेरे लिए दुआ निकली जो ख्यालों में बहुत सच्ची लगती थी उसे करीब से देखा तो बेवफा निकली…