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शायरी – कहां गुनगुनाए वो दिल का तराना
हिंदी शायरी कहां गुनगुनाए वो दिल का तराना जुबां काटने को खड़ा है जमाना ताक में हैं बैठे मुहब्बत के दुश्मन लगाए हुए आशिकों पर निशाना…