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शायरी – आशिक को इस तरह क्यों आजाद करती हो
शायरी टूटे रिश्ते को जोड़ने की फरियाद करती हो क्यों अपना वक्त फिर से बर्बाद करती हो इतनी दूर चला जाय कि वो वापस नहीं लौटे आशिक को इस तरह क्यों आजाद करती हो…