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शायरी – कैसे मरे आखिर कोई तेरे प्यार के लिए
कैसे मरे आखिर कोई तेरे प्यार के लिए जब जीना पड़ता हो घर-बार के लिए दिल को कह दो कि ये आंसू न बहाए इसकी कीमत नहीं कुछ संसार के लिए…