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शायरी – जब तलक है ये जिंदगी, दिल में मेरी वफा है
जब तलक है ये जिंदगी, दिल में मेरी वफा है तेरी उम्मीद में जिए जाने का यही फलसफा है माहताब निकलने में जाने कितनी देर है बाकी गम की अंधेरी रात भी अब लगती बेवफा है…