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शायरी – दर्द मिलता है इश्क के रहगुजर की कैद में
जिंदगी की हर मंजिल मुकद्दर की कैद में आज भी है मेरा साहिल समंदर की कैद में कदम कदम पर चुभकर नश्तर ने ये कहा दर्द मिलता है इश्क के रहगुजर की कैद में…