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शायरी – न आखिरी ख्वाहिश है बची
#100 दर्द शायरी न आखिरी ख्वाहिश है बची न आखिरी तमन्ना है कोई बेखुदी में कटे ये दर्दे-सफर राह में बेदर्द मिले न कोई वो गज़ल है जो मिली है कोरे कागज़ को अश्कों में डूबता हुआ जलता हुआ दिल है दिल के …