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शायरी – मैं तो टूटा आईना हूं
मुद्दतों से तुमसे जुदा हूं बूंद से सागर बना हूं मुझमें अपना अक्स न देखो मैं तो टूटा आईना हूं जिस्म मेरा बर्फ का टुकड़ा दिल का जलता आशियां हूं हुस्न की एक आग हो तुम और मैं इश्क का धुआं हूं ©RajeevSi…