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इश्किया शायरी- तेरी तस्वीर बनी थी उसमें, जब जमीं पे आईना था गिरा
कौन होता है दुश्मन से बुरा मैंने सोचा तो था चेहरा तेरा तेरी तस्वीर बनी थी उसमें जब जमीं पे आईना था गिरा सारी तकलीफ जमा की जाए दिल बड़ा खाली लगता है मेरा काट न ऐसे मुकद्दर मुझको आशिक पर तू रहम कर जर…