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खुदाई शायरी- तेरी बंदगी अब तेरी गली में
मेरी जिंदगी अब तेरी गली में तेरी बंदगी अब तेरी गली में तेरे शहर में भटका बहुत हूं ये आवारगी अब तेरी गली में दिल से नजर तक तू छा गई खोजूं मैं खुद को तेरी गली में तू मेरे ख्वाबों की कमसिन परी देखता ह…