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शायरी- याद रहा चेहरा दिलबर का
उनकी गली को जबसे जाना बिसर गया मैं रस्ता घर का अपनी सूरत भूल गया मैं याद रहा चेहरा दिलबर का हाल मिला नहीं अब तक हमको उनके दिल के अंदर का आंखों के आंचल का आंसू भिगो गया दामन चादर का ©RajeevSingh # l…