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शायरी – इश्क और बंदगी के आंसू हैं
ये मेरी जंदगी के आंसू हैं इश्क और बंदगी के आंसू हैं लाल रंगत का भरम है वरना मेरे खूं भी तो मेरे आंसू हैं…