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शायरी – टूट जाते हैं यहां पे सदियों के रिश्ते
वफा की राह पे चलती है मेरी तन्हाई दूर तक साथ ही रहती है मेरी परछाई कोई आवाज कहीं से आई ही नहीं सुन रहे थे बड़ी देर तक एक पुरवाई…