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शायरी – इतने नादान हो फिर भी दिल लगाते हो
शायरी इतने नादान हो फिर भी दिल लगाते हो इतने नाजुक हो, क्यूं पत्थर से टकराते हो रु-ब-रु आती है वो तो छुप जाते हो इतने प्यासे हो कि पानी से घबराते हो…