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शायरी – मुझे दिल से जो भुला दिया, तो तूने क्या बुरा किया
हिंदी शायरी मुझे दिल से जो भुला दिया, तो तूने क्या बुरा किया कांटे का दामन छोड़ कर, जो भी किया अच्छा किया आवारगी की राह पे चलके मुझे मंजिल मिली जिसने मुझे बेघर किया उसने भी कुछ भला किया…