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शायरी – तुमको मालूम भी है, तुम्हें चाहती हूं बहुत | shayari-love shayari-hindi shayari
कितनी मुश्किल से गुजरता है लम्हा-लम्हा इक लम्हा भी बिना तुझे याद किए गुजरता नहीं हमसे पूछो ना किस तरह जीए जाते हैं हम तुमको सोचूं मैं दिन-रात मगर जी भरता नहीं तुमको मालूम भी है, तुम्हें चाहती ह…