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शायरी – एक अरसे से आंखों से आंसू न बहे | shayari-love shayari-hindi shayari
एक अरसे से आंखों से आंसू न बहे इतने मशरूफ हम इस जमाने में रहे कौन आगे बढ़ा, कौन पीछे रहा, कौन ठहर गया इन्हीं बेकार की बातों में उलझे से रहे भरे बाजार में सबने हमें पराया समझा ऐसे माहौल में अपने…