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शायरी – कोई करा दे यार से मेरी भी मुलाकात
कोई करा दे यार से मेरी भी मुलाकात वरना ये दम टूटेगा तन्हा ही मेरे साथ साये को इत्तला तो हो कि जिस्म कहां है अब तक तो न चिराग जलाया है इस रात बेबस के मुरादों को दुआ भी नहीं लगती सज़्दे भी किए तो…