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शायरी – सीने में शीशा है टूटा तो वो आग से क्यूं न पिघले | shayari-love shayari-hindi shayari
दिल से जीने से बेहतर तो अच्छा था मैं मर जातीदर्द को पीने से बेहतर तो अच्छा था जहर पी जाती अपनों की जंजीरों से तो घायल हो गए पांव कलाईइसको तोड़के दुनिया में मैं आखिर किसके घर जाती सीने में शीशा है ट…