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शायरी – मेरी उल्फत को बेवफाई का ही नाम दे दो
शायरी और कुछ न सही, मुझको ये इल्जाम दे दो मेरी उल्फत को बेवफाई का ही नाम दे दो जख्म और दर्द तुझे पाकर मिट सा गया जानेवाले मुझे रोने का सामान दे दो…