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शायरी – कौन समझाएगा इश्क में रोनेवालों को
शायरी वो आंखों में समंदर की तरह आता है आईने में भी पत्थर की तरह आता है कौन समझाएगा इश्क में रोनेवालों को टूटा सपना भी दिलबर की तरह आता है…