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शायरी – मैं इंतजार में हूं कि कब टूटेगी तेरी खामोशी
हिंदी शायरी मैं इंतजार में हूं कि कब टूटेगी तेरी खामोशी तुम इंतजार में हो कि नहीं, देख मेरी खामोशी दर्द उठता है दिल में सुरलहर की तरह मैं किस तरह बयां करूं रोती हुई खामोशी…