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शायरी – दीवानों के रहगुजर में कांटों का सिलसिला
हिंदी शायरी दीवानों के रहगुजर में कांटों का सिलसिला आंसुओं के सफर में हाय दिल को क्या मिला मजबूर है आलम दिले-नादान की महफिल में तन्हा सी बेबसी में खुद ही से करें गिला…