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शायरी – जल रही है तेरी चाहत जिस सीने में
शायरी कोई गुमनाम भटकता है सहरा में कोई प्यासा तरसता है सहरा में जल रही हैं तेरी चाहत जिस सीने में वही आशिक सुलगता है सहरा में…