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शायरी – अपने रोते हुए दिल को समझा न सका
शायरी हम तेरे दर्द में जीकर भी परेशां न हुए घुट-घुट के मरके भी हम बेजां न हुए देख तेरे आने, तेरे जाने की कशिश हमें पलकें मूंदने कभी आसां न हुए…