jazbat.com
शायरी – दिले-नादां और कितनी दूर जाएगा
शायरी दिले-नादां और कितनी दूर जाएगा किस शहर में तेरा दर्द मिल जाएगा जिन चिरागों से रोशनी खफा है अभी उस बुझे दिल को चांद न मिल पाएगा…