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शायरी – ऐ दिल मुझे भी जला ले, जला ले
शायरी बरसते नहीं हैं हुस्न के उजाले चाहे तू कितना ही आंसू बहा ले सब कुछ तो तुमने जला ही दिया है ऐ दिल मुझे भी जला ले, जला ले…