jazbat.com
शायरी – जाम छलके है दिल से, कहां रखूं इसे
शायरी कोई इतना भी तन्हा नहीं है तेरे सिवा कोई जानता नहीं इसकी वजह मेरे सिवा ओढ़ती हूं मैं तुम्हारे ही खयालों का कफन पैरहन है भी नहीं पास अब तुम्हारे सिवा…