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शायरी – आप मिलती तो मैं खुद से ना जुदा होता
शायरी आपने अपना नामो-निशां छोड़ा होता तो मेरे खत का लिफाफा नहीं कोरा होता ये हकीकत है कि आप सा कोई ना मिला आप मिलती तो मैं खुद से ना जुदा होता…