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शायरी – मौसम तन्हा-तन्हा है तेरी खुशबू के बिना
शायरी चांद के नीचे चिरागों को जलाया करते हैं चांदनी रातों में हम आग लगाया करते हैं मौसम तन्हा-तन्हा है तेरी खुशबू के बिना तुमको सारे फूल बहारों के पुकारा करते हैं…