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शायरी – ये रोज ही होता है कि तुम याद आते हो
शायरी फिर चोट खा गए हैं इस जख्मी जिगर पे फिर आज रो रहे हैं हम गमगीन नजर से ये रोज ही होता है कि तुम याद आते हो दिल रोज कराहता है माज़ी के कहर से…