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शायरी – दोनों जुदा-जुदा हैं, जमाने को खबर है | shayari-love shayari-hindi shayari
शायरी एक टुकड़ा इधर है, एक टुकड़ा उधर है दोनों जुदा-जुदा हैं, जमाने को खबर है आशिक है आफताब सा दीपक बना हुआ माहताब सा माशूक ही उसका दिलबर है…