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शायरी – प्यासे ही रह गए यहां दिलरूबाओं के सनम
शायरी भूले नहीं है दर्द को हमसाया समझ के हम जाएंगे हम जहां-जहां वहां चलेंगे दर्दो-गम कितनी उदास सी फिजा, कितना वीरान आस्मा गुलशन में चारों ओर है रोता हुआ मेरा चमन…