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शायरी – जाने क्या बात छुपी है मेरे साजन में
शायरी कभी आती नहीं माहताब मेरे आंगन में कभी थमती नहीं बरसात मेरे सावन में संग बैठा है इंतजार इस तरह तन्हा कोई आती नहीं आवाज मेरे जीवन में…