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शायरी – देखता हूं मैं हर जगह पे बरसते आंसू
शायरी अपने हाथों से पोछेंगे हम अपने आंसू जाने कैसे ये रूकेंगे मेरे बहते आंसू कितना सुन्दर सा लगता है मेरा गुलशन जब हरेक डाल पे हैं फूल से खिलते आंसू…