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शायरी – तुम्हारे गम से दिल रोता रहा रातभर तन्हा
शायरी जमाना सो गया और मैं जगा रातभर तन्हा तुम्हारे गम से दिल रोता रहा रातभर तन्हा मेरे हमदम तेरे आने की आहट अब नहीं मिलती मगर नस-नस में तू गूंजती रही रातभर तन्हा…