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शायरी – डूबकर मर गया हुस्न में वरना
शायरी मेरे दर्द से उसको मतलब नहीं होता बेवफा का दिल मेरा आशिक नहीं होता देखता रह गया रातों में काली जुल्फें उसका चेहरा मेरे जानिब नहीं होता…