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शायरी – कुछ बरस तक जवानी में ख्वाब आते हैं
शायरी कुछ बरस तक जवानी में ख्वाब आते हैं फिर एक-एक कर वो सब टूट जाते हैं देखकर जिंदगी को हम ये समझ न सके जिसको पाते हैं उसे छोड़ क्यूं मर जाते हैं…