jazbat.com
शायरी – वफा का आईना जब तेरी नजर से गुजरा
शायरी इश्क की आबरू हमने बचा लिया अक्सर चिरागे-दिल से मुकद्दर जला लिया अक्सर कौन चाहेगा कि खुद मौत को पीते जाएं दर्द ने सबको शराबी बना दिया अक्सर…