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शायरी – वो ही डरते रहे बहुत इस मुहब्बत से
शायरी जो अपने घर से जुड़े हैं एक मुद्दत से वो ही डरते रहे बहुत इस मुहब्बत से पत्थरों के मुहल्ले में सभी पैदा हो गए उबर न पाए कभी वो बुतों की हसरत से…