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शायरी – तेरे हाथों से जब छूट जाएंगे हम
शायरी तेरे हाथों से जब छूट जाएंगे हम आईने की तरह टूट जाएंगे हम तेरे आंगन में कोई परिंदा नहीं तेरे पिंजरे में आ रह जाएंगे हम…