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शायरी – ये चाँद जल रहा या दिल ही जल रहा
ये चाँद जल रहा या दिल ही जल रहा ये बादल चल रहा या दीवाना ही चल रहा मुझे आसमान देखकर हो जाता है सुरूर ये रात आई जबसे नशा और चढ़ रहा दुनिया की ये हवा तारे को ना लग पाए ये नूर कहीं दूर तन्हा सा रह…