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शायरी – दिल तिश्नगी में दर्द के आँसू भी पी गया
दिल तिश्नगी में दर्द के आँसू भी पी गया हर बूँद मेरे इश्क के सागर में खो गया सारे सितम सहके भी हम दुख जमा कीए रोता रहा वो उम्रभर तेरे दर पे जो गया अपनी भी जिंदगी का तमाशा ये खूब है कभी रातभर जगत…